हिमाचल की पंचायतों में पहली बार नियुक्त किए जाएंगे एडमिनिस्ट्रेटर, सरकार के पास पहुंची फाइल; 31 जनवरी को समाप्त हो रहा कार्यकाल

हिमाचल की पंचायतों में पहली बार नियुक्त किए जाएंगे एडमिनिस्ट्रेटर, सरकार के पास पहुंची फाइल; 31 जनवरी को समाप्त हो रहा कार्यकाल

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश की 3,577 ग्राम पंचायतों में 1 फरवरी से निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह प्रशासकीय व्यवस्था लागू हो जाएगी। पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल समाप्त होते ही सभी पंचायतें स्वतः भंग हो जाएंगी। पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने की स्थिति में पंचायतों के दैनिक कामकाज को सुचारू रखने के लिए सरकार को प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ रही है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद तय हुई प्रशासकीय व्यवस्था

राज्य में पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के चलते पंचायतों में अंतरिम तौर पर प्रशासकों की नियुक्ति की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों सहित करीब 30 हजार निर्वाचित प्रतिनिधि कार्यभार से मुक्त हो जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग, दिसंबर 2025 में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी कर रहा था, लेकिन राज्य सरकार ने आपदा का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित कर दिए। सरकार के इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने 30 अप्रैल 2026 से पहले पंचायत चुनाव कराना अनिवार्य कर दिया है। पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने की स्थिति में पंचायतों के दैनिक कामकाज को सुचारू रखने के लिए प्रशासकीय व्यवस्था लागू करना आवश्यक हो गया है।

सरकार के पास प्रशासक नियुक्ति के दो प्रस्ताव

पंचायतीराज विभाग ने प्रशासकीय व्यवस्था को लेकर सरकार को दो प्रस्ताव भेजे हैं। पहले प्रस्ताव के तहत पंचायत सचिव को ही प्रशासक नियुक्त करने की बात कही गई है। दूसरे प्रस्ताव में तीन सदस्यीय समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें स्कूल प्रिंसिपल या हेडमास्टर को प्रशासक बनाया जाएगा, जबकि पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवक समिति के सदस्य होंगे। इन प्रस्तावों पर सरकार को अंतिम फैसला लेना है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अगले दो दिनों के भीतर प्रशासकीय व्यवस्था को लेकर निर्णय लेकर अधिसूचना जारी कर सकती है। विभाग की ओर से भेजी गई फाइल पंचायतीराज मंत्री के कार्यालय पहुंच गई है।

 

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